पाकिस्तान में आतंकियों ने सेना की नाक में किया दम, अब इस अधिकारी को मार गिराया
पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा राज्य के डेरा इस्माइल खान जिले के कर्री मलंग इलाके में सेना और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई और इस मुठभेड़ में आतंकियों ने 24 साल के सेना के कैप्टन हसनैन अख्तर को मार गिराया…खैबर पख्तूनख्वा में सेना ने ये ऑपरेशन आतंकियों के सफ़ाये के लिए ज़रूर चलाया लेकिन ये भी सेना को टेंशन दे गया

हालांकि पाकिस्तानी सेना ने ये दावा किया कि उसने 10 आतंकियों को इस ऑपरेशन में ढेर किया है। पाकिस्तान सेना के मीडिया विंग, इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशन्स के मुताबिक़, खुफ़िया इंपुट के मुताबिक़ डेरा इस्माइल में आतंकियों के ख़िलाफ़ अभियान चलाया गया, इस दौरान सेना और आतंकियों की मुठभेड़ हो गई। इसमें पाक सेना के एक कैप्टन की मौत हो गई और 3 सैनिक घायल हो गए। वहीं, इस मुठभेड़ में कम से कम 10 आतंकवादी मारे गए।
अब पाकिस्तान दावे तो बहुत बड़े-बड़े करता है, लेकिन इन दावों पर यक़ीन करना मुश्किल है। पाकिस्तान सेना के दावों की हक़ीक़त समय-समय पर सामने आती रही है। इसी महीने 11 मार्च को बलूच लिब्रेशन आर्मी ने पाकिस्तान की जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया था। इस ट्रेन में करीब 450 यात्री सफर कर रहे थे, जिसमें सेना के छुट्टी पर गए जवान और कई अधिकारी थे। इस दौरान एक तरफ़ पाकिस्तान सेना सैनिकों के बड़े नुक़सान को नकारती रही, वहीं BLA ने 214 सैनिकों के मारे जाने का दावा किया। बलूचिस्तान में ट्रेन हाईजैक के एक हफ्ते से कम समय में ही पाकिस्तान के नुस्की इलाके में बलूच लिबरेशन आर्मी ने सेना के काफिले पर भी हमला कर दिया था। इस फिदायीन हमले में सेना के 90 जवानों को मारने का दावा BLA ने किया। एक के बाद एक होते हमले और बॉर्डर पर पिट रहे पाकिस्तान सैनिकों ने इसके बाद तंग आकर बड़ी संख्या में सेना छोड़ने का फैसला किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक़, सेना के 2500 जवानों ने एक हफ़्ते में ही सेना छोड़ दी और अपनी जान जोखिम में डालने के बजाय सऊदी अरब, कतर, कुवैत और यूएई जैसे देशों में काम करने का फ़ैसला किया। ये दिखाता है कि लगातार सैनिकों की मौत और पाकिस्तान की बिगड़ती आर्थिक स्थिति की वजह से पाक आर्मी के जवान घबराए हुए हैं और ये भी कि शहबाज शरीफ और पाक आर्मी के प्रमुख आसिफ मुनीर के लिए सेना को एकजुट रख पाना भी मुश्किल होता जा रहा है।
अब पाकिस्तान के अंदर भी आतंकी मानकर उनके ख़िलाफ़ ऑपरेशन चलाने वाली सेना को समर्थन नहीं मिल रहा। यानी सेना को ऑपरेशन का खुलकर विरोध हो रहा है और राजनेता ही पाकिस्तानी सेना की पोल खोल रहे हैं। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने पाकिस्तान सेना और सरकार की नीतियों का खुलकर विरोध किया और कहा कि ऐसे ऑपरेशन से कुछ नहीं होने वाला। उन्होंने ये भी कहा कि वो अब पाकिस्तान आर्मी को खैबर पख्तूनख्वा में किसी भी तरह के मिलिट्री ऑपरेशन की इजाज़त नहीं देंगे। इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक ए इंसाफ (PTI) के नेता मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने अपने फैसले की वजह भी बताई है। मुख्यमंत्री अली अमीन गंडापुर ने कहा कि पाकिस्तानी सेना जितने आतंकी मारती है, उससे ज्यादा आतंकी अफगानिस्तान से पाकिस्तान घुस आते हैं। 9,500 से 11,500 आतंकवादी पहले ही उनके इलाकों में घुस चुके हैं, जबकि सीमा पार इससे दोगुने आतंकवादी मौजूद हो सकते हैं। उन्होंने ये तक कह दिया कि आज पाकिस्तान जिस सुरक्षा समस्या का सामना कर रहा है, उसका समाधान ऑपरेशन नहीं है। पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के करीबी गंडापुर, जिनकी इमरान की तरह सेना से ठनी रहती है, वो अब खुलकर सेना के ऑपरेशन के ख़िलाफ़ बोल रहे हैं। अब पाकिस्तानी आर्मी चाहे जितने मर्ज़ी ऑपरेशन चलाकर आतंकियों को ठिकाने लगाने के दावे करे, लेकिन सच्चाई तो यही है कि पाकिस्तान की सेना बेबस है और सिर्फ़ मार खा रही है।