SATURDAY 05 APRIL 2025
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आवास बनाने वालों को CM Dhami की बड़ी सौगात, साढ़े चार लाख रुपए देगी सरकार, जानिए कैसे?

उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंडवासियों के लिए उनके आवास बनाने में उनका साथ देने के लिए नई आवास नीति लेकर आई है। इसमें घर बनाते वक्त केंद्र और राज्य सरकार आम लोगों की मदद करेगी। जानिए कैसे मिलेगा फायदा

26 Feb, 2025
07:18 PM
आवास बनाने वालों को CM Dhami की बड़ी सौगात, साढ़े चार लाख रुपए देगी सरकार, जानिए कैसे?
अपना घर होने का सपना हर किसी कै होता है। अपना एक घर बनाने के लिए लोग कई-कई सालों तक पैसे जोड़ते है। घर का सपना साकार करने के लिए केंद्र से लेकर राज्य सरकार कई योजनाएं भी चला रही है। लेकिन इसी बीच सीएम घामी एक बार फिर उत्तराखंड के लोगों के लिए एक बड़ी सौगात दे रहें है। आवास बनाने वालों के लिए धामी सरकार ने बड़ा छूट दिया है। जिससे उत्तराखंड में रह रहे हर आम जन का सपना साकार होगा। 

नई आवास नीति से होगा सपना साकार


अगर आप उत्तराखंड वासी है तो ये खबर आपके लिए ही है। दरअसल धामी सरकार ने नई आवास नीति में गरीबों के आशियाने का सपना पूरा करने का अहर फैसला लिया है। इसके लिए सरकार ने विकासकर्ताओं के लिए छूट के द्वार खोल दिए हैं। अगर आप EWS श्रेणी के है और नौ लाख के आवास का निर्माण करा रहें है तो, राज्य व केंद्र सरकार आपको इसके लिए पर 3.5 से 4.5 लाख रुपये देगी। लाभार्थी को अपने जेब से सिर्फ 4.5 से 5.5 लाख रुपये देने होंगे। इस रकम के लिए बैंक से लोन लेने की प्रक्रिया और खर्च भी सरकार की तरफ से आसान कर दिए गए हैं।

किस तरह से मिलेगा लाभ?


अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि इसका फयदा कैसे मिलेगा? तो चलिए एक एक कर आपको बताते है कि किस तरह से सरकार आपकी मदद करेगी और आपको इसका फायदा मिलेगा। 

1- मैदानी क्षेत्रों में आवास पर छूट



EWS आवास पर मैदानी क्षेत्रों में प्रतेक आवास की अधिकतम राशि नौ लाख रुपये तय किए गए हैं। नौ लाख रुपये में 5.5 लाख रुपये का खर्च लाभार्थी को उठाना होगा। दो लाख रुपये का अनुदान राज्य सरकार और 1.5 लाख रुपये का अनुदान केंद्र सरकार देगी। आवास बनाने वाले व्यक्ति को नौ लाख रुपये या 30 हजार रुपये प्रति वर्ग मीटर, दोनों में से जो भी अधिक होगा, वो उन्हें सरकार की तरफ से दिया जाएगा। 

2- पर्वतीय क्षेत्रों में बाखली शैली की छूट


सरकार बाखली शैली में भवन बनाने वालों को सुविधा देगी। बाखली शैली उन भवनों को कहते है जो पहाड़ पर बने होते है, इन्हें पत्थर और मिट्टी से बनाया जाता है। बाखली शैली वाले आवासों को बनाने के लिए ईडब्ल्यूएस श्रेणी वालों को नौ लाख में से केवल 4.5 लाख लाभार्थी को देने होंगे। तीन लाख रुपये का अनुदान राज्य सरकार देगी, जबकि 1.5 लाख रुपये का अनुदान केंद्र सरकार देगी। यानी आधा पैसा सरकार देगी।

स्टांप शुक्ल में मिलेगी छूट 


सरकार ने स्टांप शुल्क में भी छूट देने का फैसला लिया है। इसके तहत EWS के लिए 1000, LIG के लिए 5000, LMIG के लिए 10,000 रुपये तय किया गया है। अभी तक छह प्रतिशत स्टाम्प शुल्क और दो प्रतिशत रेजिस्ट्रेशन शुल्क लगता था। यानी की अगर 10 लाख का घर है तो उसका 60,000 रुपये स्टाम्प शुल्क और 20,000 रुपये रेजिस्ट्रेशन शुल्क लगता था। 80,000 रुपये के बजाए अब ये काम महज 1500 रुपये (500 रुपये पंजीकरण) में होगा। इसी प्रकार, बैंक से लोन लेने पर अनुबंध में स्टाम्प शुल्क 0.5 प्रतिशत लगता था जो अब नहीं लगेगा। यानी 10 लाख के आवास में 5000 रुपये भी बचेंगे।

मैदानी इलाकों में बन सकेंगे ऊंची इमारतें


अब तक मैदानी क्षेत्रों में EWS श्रेणी के लोग मात्र चार मंजिला भवन बनाते रहे है, इन भवनों में लिफ्ट की सुविधा नहीं हुआ करती थी। लेकिन नई आवास नीति में अब 8 मंजिला भवन बनाए जा सकेंगे। भवन की ऊंचाई 30 मीटर तक हो सकेगी। इसमें लिफ्ट की सुविधा दी जाएगी। इन भवनों का रख रखाव 10 सालों तक बिल्डर को करना होगा। 

EWS को मिलेगी एक और सौगात 


अमर उजाला की एक रिपोर्ट के अनुसार EWS की श्रेणी में आने वालों को सराकर एक और सौगात दे रही है। दरअसल 10,000 वर्ग मीटर का भूमि उपयोग परिवर्तन प्राधिकरण के स्तर से तीन महीने के अंदर होगा। EWS का नक्शा पास कराने का कोई शुल्क नहीं लगेगा। परियोजना के लिए जमीन खरीदने वाले बिल्डर्स को अलग से स्टाम्प शुल्क में छूट दी जाएगी। इसके साथ ही अगर यहां सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगता है तो इसकी प्रतिपूर्ति सरकार करेगी। परियोजना में कॉमर्शियल फ्लोर एरिया रेशियो मैदानी क्षेत्र में 25 प्रतिशत और पर्वतीय क्षेत्र में 30 प्रतिशत होगा। राज्य कर की प्रतिपूर्ति भी सरकार करेगी। परियोजना के लिए बैंक से लोन लेने पर ब्याज की प्रतिपूर्ति सरकार करेगी।

तो कुल मिलाकर देखे तो धामी सरकार केंद्र सरकार की मदद से उत्तराखंड के EWS श्रेणी में आने वीलों के लिए एक बड़ी सौगात लेकर आ रही है। अब हरेक इकोनॉमिकली वीकर सेक्शन यानी सामान्य वर्ग के आर्थिक रूप से कमज़ोर लोगों का आपना घर बनाने का सपना साकार होगा। आप धामी सरकार की नई आवास नीति को किस तरह से देखते है। अपनी राय कमेंट कर जरूर बताएं। 
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