SUNDAY 06 APRIL 2025
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Kadak Baat: BJP में शामिल हुए 8 आप नेताओं ने हिलाई केजरीवाल की जमीन, छीना जाएगा पावर हाउस?

kadak Baat: आम आदमी पार्टी के 5 पार्षद समेत 8 नेता बीजेपी में शामिल हो गए है उनके बीजेपी में जाने से आम आदमी पार्टी नगर निगम में फंस गई है..आम आदमी पार्टी के हाथ से स्टैंडिंग कमेटी की पावर छिनने वाली है.

Created By: शबनम
26 Aug, 2024
05:06 PM
Kadak Baat: BJP में शामिल हुए 8 आप नेताओं ने हिलाई केजरीवाल की जमीन, छीना जाएगा पावर हाउस?

kadak Baat: कहते हैं झूठ की बुनियाद पर रखी दीवार बहुत जल्द गिरती है और जब गिरती है। सबकुछ तबाह कर देती है आम आदमी पार्टी की ये दीवार तेजी से गिर रही है और आप नेता पार्टी को छोड़कर ही भाग रहे हैं। इसी वजह से आम आदमी पार्टी में बुरी तरह मातम पसरा हुआ है, जेल में केजरीवाल रो रहे हैं और जेल के बाहर आतिशी से लेकर सुनीता केजरीवाल सिसोदिया संजय सिंह सिर पकड़कर बैठे हैं। रातों रात बैठक बुला ली है क्योंकि बड़े बड़े नेता आम आदमी पार्टी छोड़कर भाग रहे हैं। बीजेपी में शामिल हो रहे हैं। इसी बीच दिल्ली के 5 पार्षद, 3 बड़े नेता केजरीवाल सरकार की पोल खोलते हुए बीजेपी में शामिल हो गए हैं।पार्षदों का जाना तो आम आदमी पार्टी के लिए झटका था ही लेकिन उससे बुरी खबर है आम आदमी पार्टी के हाथों से उसका पावर हाउस छिनना दरअसल पार्षद रामचंद्र, पवन सहरावत, ममता पवन, सुघंधा बिधूड़ी, मंजू निर्मला बीजेपी में शामिल हुई है। 5 पार्षदों के BJP में शामिल होने से निगम में AAP के पार्षदों की संख्या घट गई है। अब नगर निगम में बीजेपी के 112 पार्षद हो गए हैं जबकि आम आदमी पार्टी के पास 127 पार्षद बचे हैं।

सिर्फ 5 पार्षद ही नहीं  बल्कि आप के तीन सक्रिय नेता सचिन बिधूड़ी, राज निर्मल और पवन कुमार भी बीजेपी में शामिल हुए हैं। अब समझिए कैसे बर्बाद हुई आम आदमी पार्टी दरअसल पार्षदों के बीजेपी में जाने से वार्ड समिति के सदस्यों के चुनाव पर बड़ा असर पड़ेगा। निगम की सबसे ताकतवर संवैधानिक निकाय, स्थायी समिति के गठन को लेकर चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन पद के लिए चुनाव पर भी असर पड़ेगा। स्टैंडिंग कमिटी को एमसीडी का पावर हाउस भी कहा जाता है। सबसे बड़ी बात तो ये है कि वित्तीय मामलों से जुड़े फैसले लेने का अधिकार स्टैंडिंग कमिटी के पास ही होता है,. 5 करोड़ रुपये से ज्यादा के सभी कामकाज के लिए स्टैंडिंग कमिटी के हरी झंडी की जरूरत होती है तो ऐसे में 5 पार्षदों के बीजेपी में शामिल होने से नगर निगम के 12 जोन में से 7 में बीजेपी मजबूत हो गई है। यानी की पावर किसके हाथ में है बीजेपी  के हाथ में। अब स्टैंडिंग कमिटी का चुनाव होगा तो बीजेपी ही जीत लगभग पक्की मानी जा रही है क्योंकि बीजपी बहुमत से उपर पहुंच चुकी है। 


इससे पहले बीजेपी सिर्फ 5 जोन में मजबूत थी मध्य जोन और नरेला जोन बीजेपी के सदस्य सबसे ज्यादा है। नए समीकरण को देखते हुए अब मध्य जोन और नरेला जोन में बीजेपी सदस्यों की संख्याबल के मुताबिक एल्‍डरमैन को मिलाकर मजबूत हो गई है। बीजेपी का 7 जोन में अब बहुमत है,, लिहाजा उसके 7 सदस्य स्टैंडिंग कमेटी में आना तय हैऔर हाउस से 2 सदस्य पहले ही चुन लिए गए हैं इस तरह ये आंकड़ा 9 हो जाता है.. जो 18 सदस्यीय स्टैंडिंग कमेटी के लिए जादुई नंबर हैं जबकि आम आदमी पार्टी के पास 5 जोन में बहुमत है और उसके 3 सदस्य हाउस से चुने गए है.. कुल मिलाकर AAP के 8 सदस्य हैं यानी की आम आदमी पार्टी मैजिकल नंबर से 1 कदम पीछे हो गई है। तो ऐसे में अब स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन और डिप्टी चेयरमैन के पद के लिए बीजेपी की दावेदारी और मजबूत हो गई है।  अनूसूचित जाति के नए मेयर के चुनाव में भी बीजेपी अपनी दावेदारी मजबूत कर सकती है। तो कुलमिलाकर आम आदमी पार्टी दिल्ली में बुरी तरह बर्बाद हो गई है,, हांलकि अभी स्टैंडिग कमेटी में कांग्रेस के पार्षदों की वोटिंग बहुत बड़ा रोल अदा करेगी.. चलिए ये भी बताते हैं कि स्टैंडिंग कमेटी को ही स्थायी समिति कहा जाता है और वो काफी पावरफुल होती है ।स्टैंडिंग कमेटी दिल्ली नगर निगम की सबसे बड़ी ताकतवर कमेटी है। दिल्ली नगर निगम में मेयर और डिप्टी मेयर के पास फैसले लेने की शक्तियां काफी कम हैं। उसकी वजह है लगभग सभी किस्म के आर्थिक और प्रशासनिक फैसले 18 सदस्यों वाली स्टैंडिंग कमेटी ही लेती है।स्टैंडिंग कमेटी की मंजूरी के बाद फैसले को मेयर के पास भेजा जाता है।  


तो दूसरी तरफ दिल्ली में विधानसभा चुनाव भी करीब है। तो ऐसे में पार्षदों का आप छोड़कर भागनापार्टी पर काम ना करने का आरोप लगाना केजरीवाल के लिए चुनावों में घातक होने वाला है।  कहा तो ये भी जा रहा है कि अभी और भी पार्षद आप का साथ छोड़ सकते हैं क्योंकि तमाम लोग पार्टी के घोटालों से भी नाराज है। 

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