स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में विवाद, आपस में भिड़ गए दो बटुक, शंकराचार्य पर लगाए गंभीर आरोप
महाकुंभ में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के शिविर में दो बटुकों के बीच विवाद हो गया. बताया जा रहा है कि शंकराचार्य के शिविर में यज्ञशाला में बटुकों में आपसी विवाद हुआ. नौबत हाथापाई तक की गई. काफ़ी मशक़्क़त के बाद दोनों को शांत करवाया गया

कहते हैं जिनके घर शीशे के होते हैं।वह दूसरों के घर पत्थर नहीं फेंका करते।लेकिन शायद ये बात शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद भूल गए थे। कुंभ में मची भगदड़ के बाद योगी को निशाना बनाते बैठ गए। उनकी कुर्सी हिलाने बैठ गए। लेकिन ख़ुद के घर में ऐसा बवाल छिड़ा। शंकराचार्य को अपनी कुर्सी बचाने के लाले पड़ गए हैं। नौबत तो ये आ गए कि शंकराचार्य के घर में गुटबाज़ी शुरु हो गई। मारपीट होने लगी।अब ऐसा क्या हुआ। कि कुंभ की घटना पर बयानबाज़ी कर देश में बवाल कराने की फ़िराक़ में लगे शंकराचार्य के घर में ख़ुद ही बवाल छिड़ गया। चलिए विस्तार से मामला बताते है। दरअसल ख़बर है कि
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में दो बटुकों के बीच विवाद हो गया।यज्ञशाला में शंकराचार्य के सामने ही दोनों बटुकों आपस में भिड़ गए।काफ़ी देर तक दोनों बटुकों में काफ़ी बवाल हुआ।
आरोप लगाया जा रहा है कि इसके बाद आचार्य ने विवाद में शामिल छात्रों को डांटा और झगड़ा करने पर उनकी पिटाई भी की गई। एक बटुक ने भेदभाव पूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाया और हंगामा करने की कोशिश की। काफ़ी घटों तक शंकराचार्य के शिविर में बवाल मचता रहा। बताया जा रहा है जिस वक़्त ये बवाल हुआ उस वक्त शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद यज्ञशाला में नहीं थे वो कैंप में धर्म संसद में शामिल थे। हालाँकि काफ़ी देर बाद मामले को शांत कर लिया गया। लेकिन जबतक शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की खूब किरकिरी हो चुकी है। बता दें की शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद कुंभ में मची भगदड़ कते बाद योगी सरकार को घेरने के बाद से विवादों में छा गए है। क्योंकि अविमुक्तेश्वरानंद ने छूटते ही कुंभ में भगदड़ के लिए योगी सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया। और सीएम योगी के इस्तीफ़े की मांग कर दी जिससे ना सिर्फ़ बीजेपी बल्कि संत समाज भी भड़क उठा।
अविमुक्तेश्वरानंद के पद की ही जाँच की माँग कर डाली है।शंकराचार्य पर साज़िश के तहत योगी के ख़िलाफ़ बयान देने के आरोप लगाए गए। इतना ही नहीं। अविमुक्तेश्वरानंद को कुंभ से हटाने की भी तेज़ी से माँग की जा रही है।अविमुक्तेश्वरानंद योगी आदित्यनाथ को घेरने चले थे।अब ख़ुद ही अपने शिविर से बाहर तक बुरी तरह फँस गए गए हैं। एक तरफ़ उनके बटुक दो गुटों में बंट चुके हैं मारपीट पर उतर आए हैं।और दूसरी तरफ़ उनके खिलाफ संतों ने बुरी तरह मोर्चा खोल दिया है.।चलिए जाते जाते विरोधियों को योगी आदित्यनाथ का जवाब सुनवाते हैं।
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