Rekha Gupta की शपथ में क्यों नहीं गये BJP के 3 मुख्यमंत्री, अब सामने आई वजह | Delhi
27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में आई बीजेपी ने देश के सभी एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों को शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए न्योता भेजा लेकिन इसके बावजूद Pushkar Singh Dhami क्यों नहीं गये दिल्ली, अब सामने आई वजह

शपथ में नहीं जाने की असली वजह
दरअसल 27 साल बाद दिल्ली की सत्ता में आई बीजेपी ने देश के सभी एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्रियों को शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए न्योता भेजा था। और कई राज्यों के सीएम, डिप्टी सीएम इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण में शामिल भी हुए। लेकिन उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने के लिए दिल्ली नहीं गए, क्योंकि शपथ ग्रहण की तारीख ऐसे समय तय की गई जब उत्तराखंड में बजट सत्र चल रहा है। यही वजह है कि सीएम धामी शपथ ग्रहण में नहीं शामिल हो सके। और रेखा गुप्ता को शपथ ग्रहण से पहले ही बधाई देते हुए एक ट्वीट में लिखा…
भा.ज.पा. दिल्ली विधायक दल की नेता श्रीमती रेखा गुप्ता जी को मुख्यमंत्री पद के शपथ ग्रहण की अग्रिम शुभकामनाएं। उत्तराखण्ड विधानसभा के बजट सत्र की महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में व्यस्त रहने के कारण इस ऐतिहासिक शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित रहने में असमर्थ हूं।
रेखा गुप्ता ने जैसे ही दिल्ली के सीएम पद की शपथ ली, सीएम पुष्कर सिंह धामी ने एक और ट्वीट में लिखा…
नरेंद्र मोदी जी की गरिमामयी उपस्थिति में श्रीमती रेखा गुप्ता जी को दिल्ली के मुख्यमंत्री पद और सभी मंत्रिमंडल को शपथ ग्रहण करने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। मुझे पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री जी के कुशल मार्गदर्शन और आपके कुशल नेतृत्व में दिल्ली विकास के नए आयाम स्थापित करेगी और राष्ट्रीय राजधानी अपने गौरव को पुनर्स्थापित करेगी।
20 फरवरी को बजट सत्र की वजह से सीएम धामी ही नहीं, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ भी शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हो सके, क्योंकि 20 फरवरी को यूपी विधानसभा में भी बजट पेश किया गया, जहां खुद सीएम योगी का भी मौजूद रहना जरूरी था। जबकि असम के सीएम हिमंता बिस्वा सरमा भी बजट सत्र की वजह से शपथ ग्रहण में शामिल नहीं हो सके। शपथ ग्रहण अगर 20 फरवरी से पहले या फिर बाद में आयोजित किया जाता तो धामी, योगी और हिमंता बिस्वा सरमा जैसे धाकड़ मुख्यमंत्री भी शामिल हो सकते थे और इस ऐतिहासिक पल का गवाह बन सकते थे।