Name Plate लगाने पर Supreme Court ने लगाई रोक तो अब दुकानों पर लहराने लगा भगवा !
साल 2024 के सावन महीने में सुप्रीम कोर्ट ने दुकानों पर नेम प्लेट लगाने के आदेश पर रोक लगा दी थी तो वहीं अब हिंदुओं ने ठेलों पर भगवा झंडा लगाना शुरू कर दिया है, देखिये मुजफ्फरनगर से ये खास रिपोर्ट !

आखिर भगवा और तिरंगे से क्यों सजी दुकानें ?
किसी दुकान पर लहराता शान से हमारा तिरंगा। तो किसी दुकान पर लहराता भगवा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिला मुजफ्फरनगर की सड़कों से जब आप गुजरेंगे तो सड़क किनारे लगी दुकानों पर आपको यही नजारा देखने को मिलेगा। और सबसे बड़ी बात ये है कि महाशिवरात्रि, कांवड़ यात्रा जैसे हिंदुओं के त्योहारों से ठीक पहले नेशनल हाईवे 58 के किनारे लगे इन ठेलों पर इस बार सरकार के किसी दबाव या फिर आदेश की वजह से तिरंगा या भगवा झंडा नहीं लगाया गया है। इस बार ठेले वालों ने खुद ही अपनी मर्जी से अपने ठेले पर तिरंगा या भगवा झंडा लगाया है। क्योंकि वो चाहते हैं कि हिंदुओं को हिंदुओं के ठेले पहचानने में कोई परेशानी ना हो। और जैसे ही वो भगवा झंडा या तिरंगा देखेंगे, रुक कर सामान जरूर खरीदेंगे।
NH-58 से गुजरने वाले हिंदू भी यही चाहते थे कि ठेले वाले अपने ठेले पर भगवा झंडा या तिरंगा लगाएं। जिससे उन्हें सामान खरीदने में कोई परेशानी ना हो। क्योंकि उनके मन में भी ये डर बैठ गया है कि अगर किसी दूसरे समुदाय के लोगों से सामान खरीदेंगे तो मन में शंका रहेगी कि जो सामान वो खरीद रहे हैं वो शुद्ध है या फिर अशुद्ध।
जिस मुजफ्फरनगर जिले से दुकानों पर नेम प्लेट लगाने का विवाद शुरू हुआ था, उसी मुजफ्फरनगर जिले में अब ठेले पर भगवा झंडे के साथ ही तिरंगा लगाना भी शुरू हो गया है। क्योंकि ग्राहक भी यही चाहते हैं कि वो हिंदुओं की दुकान या ठेले से ही सामान खरीदें। इसीलिए ठेले वालों ने भी तिरंगा और भगवा झंडा लगाना शुरू कर दिया है। जिससे उनकी बिक्री भी बढ़ गई है। तो वहीं हिंदुओं के इस कदम से मुस्लिम समुदाय के दुकानदारों की बिक्री पर भी असर पड़ सकता है। क्योंकि कोई भी हिंदू ग्राहक भगवा देख कर आसानी से समझ जाएगा कि ये हिंदू की दुकान है। और उसी दुकान पर जाएगा। जबकि मुसलमानों की दुकान पर भगवा ना होने की वजह से उनकी दुकानों पर जाने से बचेगा। आपको बता दें इससे पहले साल 2024 में जहां सावन के दौरान निकलने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान नेम प्लेट विवाद गहराया था, तो वहीं इस बार महाशिवरात्रि पर निकलने वाली कांवड़ यात्रा से ठीक पहले ठेलों पर तिरंगा और भगवा लगाने का मामला सामने आया है।