SUNDAY 06 APRIL 2025
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अब बुढ़ापे की चिंता खत्म! मोदी सरकार ला रही Universal Pension Scheme, हर नागरिक को मिलेगा लाभ

मोदी सरकार अब एक ऐसी पेंशन योजना लाने जा रही है, जिससे देश के हर नागरिक को बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। यूनिवर्सल पेंशन स्कीम (UPS) के तहत मजदूरों, किसानों, स्वरोजगार से जुड़े लोगों और व्यापारियों को भी पेंशन का लाभ मिलेगा। सरकार इसे ईपीएफओ (EPFO) के तहत लागू करने की योजना बना रही है, जिससे यह अधिक प्रभावी बन सके।

अब बुढ़ापे की चिंता खत्म! मोदी सरकार ला रही Universal Pension Scheme,  हर नागरिक को मिलेगा लाभ
क्या होगा अगर हर भारतीय को बुढ़ापे में पेंशन मिले? अगर कोई गरीब मजदूर, किसान, व्यापारी या नौकरीपेशा व्यक्ति अपने जीवन की सारी मेहनत के बाद भी आर्थिक तंगी से न गुजरे? मोदी सरकार अब ऐसा ही एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। यूनिवर्सल पेंशन स्कीम (Universal Pension Scheme - UPS) नामक इस नई योजना पर केंद्र सरकार तेजी से काम कर रही है, जिससे देश के हर नागरिक को सामाजिक सुरक्षा मिलेगी।
अब तक पेंशन योजनाएं केवल सरकारी कर्मचारियों या संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों तक ही सीमित थीं, लेकिन यूनिवर्सल पेंशन स्कीम के तहत कोई भी व्यक्ति योगदान देकर अपने भविष्य को सुरक्षित कर सकेगा। सरकार इसे ईपीएफओ (EPFO) के तहत लागू करने की योजना बना रही है, जिससे इसका दायरा और भी व्यापक हो जाएगा।

हर व्यक्ति को मिले पेंशन की गारंटी

सरकार का लक्ष्य इस योजना के माध्यम से देश के करोड़ों नागरिकों को बुढ़ापे में आर्थिक सहारा देना है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, लेबर मिनिस्ट्री ने इस योजना पर काम शुरू कर दिया है और जल्द ही इसे जनता के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। इसके बाद इस पर एक्सपर्ट्स, विभिन्न मंत्रालयों और स्टेकहोल्डर्स से चर्चा की जाएगी ताकि इसे और प्रभावी बनाया जा सके। अब आप यह सोच रहे होंगे की आखिर इस योजना का लाभार्थी कौन-कौन होगा? तो आपको बता दें कि  यूनिवर्सल पेंशन स्कीम को इस तरह से डिजाइन किया जा रहा है कि यह हर व्यक्ति के लिए फायदेमंद हो। खासकर असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले लोगों, दिहाड़ी मजदूरों, छोटे व्यापारियों, किसानों और स्वरोजगार (Self-Employed) से जुड़े लोगों को इसका सबसे अधिक लाभ मिलेगा। वर्तमान में, संगठित क्षेत्र के कर्मचारियों को EPFO, NPS (National Pension System) और अन्य योजनाओं के तहत पेंशन का लाभ मिलता है, लेकिन देश की बड़ी आबादी अभी भी इससे बाहर है। UPS का मुख्य उद्देश्य यही है कि हर भारतीय को पेंशन की गारंटी दी जाए।
कौन सी योजनाएं होंगी इस स्कीम में शामिल?
सरकार इस स्कीम को और आकर्षक बनाने के लिए इसमें कुछ मौजूदा योजनाओं को भी शामिल कर सकती है। वर्तमान में, भारत में कई सरकारी पेंशन योजनाएं चल रही हैं, लेकिन उनकी पहुंच सीमित है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार इन योजनाओं को यूनिवर्सल पेंशन स्कीम में शामिल कर सकती है।
1. प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना (PM-SYM)
यह योजना असंगठित क्षेत्र के कामगारों के लिए बनाई गई थी, जिसमें 18 से 40 वर्ष के लोग हर महीने 55 से 200 रुपये तक का योगदान कर सकते हैं और 60 वर्ष की उम्र के बाद उन्हें हर महीने 3,000 रुपये की पेंशन मिलती है। सरकार भी उतना ही योगदान देती है जितना व्यक्ति जमा करता है।
2. अटल पेंशन योजना (APY)
यह योजना PFRDA (Pension Fund Regulatory and Development Authority) के तहत आती है और इसमें 60 वर्ष की उम्र के बाद हर महीने 1,000 से 5,000 रुपये तक की पेंशन मिलती है। इस योजना को भी यूनिवर्सल पेंशन स्कीम में जोड़ा जा सकता है।
3. भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण कोष
सरकार निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों के लिए पहले से ही सेस इकट्ठा कर रही है। इसे भी इस योजना में जोड़ा जा सकता है ताकि श्रमिकों को बुढ़ापे में पेंशन का लाभ मिल सके।
4. राज्य सरकारों की योजनाएं भी होंगी शामिल?
केन्द्र सरकार राज्यों को भी इस योजना में शामिल करने के लिए प्रोत्साहित कर सकती है। इससे राज्यों की ओर से दी जाने वाली पेंशन की राशि बढ़ सकती है और नागरिकों को ज्यादा लाभ मिलेगा।
भारत में पेंशन प्रणाली की जरूरत क्यों?
भारत में अब तक पेंशन प्रणाली मुख्य रूप से सरकारी कर्मचारियों और संगठित क्षेत्र तक सीमित रही है। लेकिन भारत की अधिकांश आबादी असंगठित क्षेत्र में काम करती है, जहां पेंशन जैसी कोई सुविधा नहीं होती। संयुक्त राष्ट्र की "इंडिया एजिंग रिपोर्ट 2023" के अनुसार, 2036 तक भारत की कुल आबादी का 15% हिस्सा बुजुर्गों का होगा, जबकि 2050 तक यह 20% तक पहुंच सकता है। ऐसे में सरकार के लिए यह बेहद जरूरी हो जाता है कि विकसित देशों की तरह भारत में भी एक मजबूत पेंशन प्रणाली लागू की जाए। अगर हम अन्य देशों की बात करें, तो अमेरिका, यूरोप, कनाडा, रूस और चीन में पेंशन योजनाएं पहले से मौजूद हैं, जिनमें पेंशन और स्वास्थ्य सेवाओं को भी शामिल किया गया है। भारत में यूनिवर्सल पेंशन स्कीम एक बड़ा कदम साबित हो सकता है, जिससे करोड़ों लोगों को फायदा मिलेगा।
यूनिवर्सल पेंशन स्कीम से क्या होंगे फायदे?
यूनिवर्सल पेंशन स्कीम के तहत हर नागरिक को मिलेगा पेंशन का लाभ, चाहे वह सरकारी कर्मचारी हो या न हो। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर, किसान, व्यापारी और स्वरोजगार वाले लोग भी पेंशन के दायरे में आएंगे। बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और लोग आत्मनिर्भर बन सकेंगे। सरकार का योगदान होने से नागरिकों को अधिक लाभ मिलेगा। देश में सामाजिक सुरक्षा प्रणाली मजबूत होगी।
वैसे इस योजना की घोषणा को लेकर बताया जा रहा  है कि सरकार इस योजना पर तेजी से काम कर रही है और जल्द ही इसे आधिकारिक रूप से लॉन्च किया जाएगा। इसके लिए विभिन्न मंत्रालयों, एक्सपर्ट्स और अन्य स्टेकहोल्डर्स से चर्चा की जाएगी। यूनिवर्सल पेंशन स्कीम (UPS) भारत में एक नई पेंशन क्रांति ला सकती है। अब तक केवल सरकारी कर्मचारी या संगठित क्षेत्र के लोग ही पेंशन का लाभ उठा पाते थे, लेकिन यह स्कीम हर भारतीय नागरिक को इस सुविधा का लाभ देने के लिए बनाई जा रही है।
अगर यह योजना सफलतापूर्वक लागू होती है, तो यह भारत की सामाजिक सुरक्षा प्रणाली में एक ऐतिहासिक कदम होगा। यह योजना न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मदद देगी, बल्कि पूरे देश को एक मजबूत और आत्मनिर्भर भविष्य की ओर भी ले जाएगी। अब देखना यह है कि सरकार कब तक इस योजना को लागू करती है और यह कितना प्रभावी साबित होती है। क्या भारत में हर नागरिक को पेंशन की गारंटी मिल सकेगी? आने वाला समय इस सवाल का जवाब देगा! 

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