क्या दिल्ली में हारकर भी जीत गई कांग्रेस, अशोक गहलोत के बयान ने दिया बड़ा संकेत
दिल्ली चुनाव में कांग्रेस भले ही एक भी सीट पाने में विफल रही हो लेकिन उसने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को तगड़ा झटका दिया है।इस बीच अब एक बार फिर कांग्रेस के दिग्गज नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आम आदमी पार्टी के अस्तित्व पर बड़ा सवाल उठा दिया है।

राजनीति में कब किस करवट बैठेगी इसे बता पाना मुश्किल होता है। यहां न तो कोई स्थायी दोस्त होता है न कोई स्थायी दुश्मन। इसका जीता जागता उदाहरण देखने को मिला दिल्ली विधानसभा चुनाव में, जब लोकसभा चुनाव के दौरान इंडिया गठबंधन में एक-दूसरे के करीबी दोस्त रहे कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनाव की तैयारियों के समय से ही अपने-अपने रास्ते एक दूसरे से जुदा कर लिए थे। इसका नतीजा यह रहा कि चुनावी परिणाम में बीजेपी की प्रचंड जीत हुई। 27 वर्षों के वनवास के बाद अब दिल्ली में बीजेपी की सरकार बन रही है। इस चुनाव में कांग्रेस भले ही एक भी सीट पाने में विफल रही हो लेकिन उसने आम आदमी पार्टी और अरविंद केजरीवाल को तगड़ा झटका दिया है।इस बीच अब एक बार फिर कांग्रेस के दिग्गज नेता और राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आम आदमी पार्टी के अस्तित्व पर बड़ा सवाल उठा दिया है।
कांग्रेस ने आप को दिए गहरे घाव
दरअसल, दिल्ली चुनाव के नतीजों के बाद आम आदमी पार्टी के लगभग सभी दिग्गज नेता चुनाव में हार गए है। आप नेताओं को ये हार भले ही बीजेपी से मिली हो लेकिन जो दर्द आप को कांग्रेस ने दिया उसका अरविंद केजरीवाल को शायद ही अंदाजा होगा। कई सीटों पर तो आप नेताओं को जीतने वोट के अंतर से बीजेपी नेताओं ने हराया उससे ज़्यादा वोट तो कांग्रेस के प्रत्याशियों ने पाया। यही स्थिति नई दिल्ली विधानसभा सीट पर भी रही। जहां आप संयोजक चुनाव हारे। अब चुनाव परिणाम के बाद भी कांग्रेस की तरफ से आम आदमी पार्टी पर ज़ुबानी हमला लगातार जारी है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा आम आदमी पार्टी ने जनता के बीच अपना भरोसा खो दिया है। कांग्रेस की जिस मजबूती से दिल्ली चुनाव लड़ा वो इसे भविष्य की भूमिका के लिए पार्टी को तैयार कर दिया है। अशोक गहलोत ने अपने सोशल मीडिया के एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा "दिल्ली में आम आदमी पार्टी द्वारा कांग्रेस पर उन्हें हरवाने के आरोप पूर्णत: निराधार हैं। असलियत में तो आम आदमी पार्टी ने कई राज्यों में कांग्रेस को हरवाने का काम किया है जहां उनका कोई आधार ही नहीं था परन्तु केवल कांग्रेस के वोट काटने के उद्देश्य से आप वहां जाकर चुनाव लड़ी।"
दिल्ली में आम आदमी पार्टी द्वारा कांग्रेस पर उन्हें हरवाने के आरोप पूर्णत: निराधार हैं। असलियत में तो आम आदमी पार्टी ने कई राज्यों में कांग्रेस को हरवाने का काम किया है जहां उनका कोई आधार ही नहीं था परन्तु केवल कांग्रेस के वोट काटने के उद्देश्य से आप वहां जाकर चुनाव लड़ी।…
— Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) February 12, 2025
कई राज्यों ने आप ने किया था नुकसान
अशोक गहलोत ने आगे कहा कि "गुजरात, गोवा, उत्तराखंड में जहां कांग्रेस अच्छी स्थिति में थी एवं भाजपा की हालत खराब थी वहां आम आदमी पार्टी चुनाव लड़ने पहुंच गई और कांग्रेस के वोटों को बांटा जिससे कांग्रेस को नुकसान हुआ। इन जगहों पर आप के अधिकतर जीते या हारे उम्मीदवार बाद में भाजपा समेत दूसरी पार्टियों में चले गए। यानी ये केवल चुनाव में कांग्रेस का नुकसान करने के लिए ही लड़े थे।"
भविष्य के लिए भूमिका तय
दिल्ली चुनाव के नतीजों के बाद अशोक गहलोत ने कहा "मेरा मानना है कि दिल्ली में कांग्रेस ने अकेले चुनाव लड़कर आगे के लिए अपनी भूमिका तैयार की है। मुझे विश्वास है कि आने वाले दिनों में दिल्ली में कांग्रेस प्रमुख विपक्ष की भूमिका निभाएगी एवं अभी से आने वाले चुनाव की पृष्ठभूमि तैयार करेगी। आम आदमी पार्टी से अब जनता का भरोसा उठ चुका है।"
गौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों पर अगर नजर डालें तो बीजेपी को 70 में से 48 सीट, आम आदमी पार्टी को 22 सीट और कांग्रेस को शून्य सीट मिली। इसके बाद एक दशक तक दिल्ली की सत्ता में काबिज रहने वाली आम आदमी पार्टी अब सत्ता से सीफ बाहर ही नही हुई बल्कि पार्टी के अस्तित्व पर भी ख़तरा मंडराता दिख रहा है। शायद यही वजह है कि अरविंद केजरीवाल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके विधायकों के साथ राजधानी दिल्ली के कपूरथला हाउस में की है।
Advertisement