अनुज को मिला योगी का ‘साथ’ बौखलाए पाकिस्तानियों ने उगला ज़हर !
सीओ अनुज चौधरी के बयान से हिल गया पाकिस्तान ! योगी का साथ मिलते ही बुरी तरह बौखलाया ! देखिये क्या है ये पूरी ख़बर ?

साल में 52 बार जुमा और 1 बार होली। संभल के सीओ अनुज चौधरी के इस बयान से ना सिर्फ़ उत्तर प्रदेश का सियासी तापमान चढ़ा हुआ है बल्कि देश में भी इसकी खूब चर्चा हो रही है। भारत के कोने कोने से इस पर अलग अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, इन्हीं प्रतिक्रियाओं से सोशल मीडिया पर पटा पड़ा है। सीओ अनुज के धाकड़ बयान की धमक ऐसी है कि पाकिस्तान में भी हड़कंप मचा हुआ है। जी हां, अगर आपको लग रहा है कि सीओ अनुज के बयान का असर भारत के ही कुछ तबकों पर हो रहा है तो आपकी जानकारी अधूरी है, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी का साथ मिलने के बाद से तो पाकिस्तान में भी इस बयान की गूंज और फिर इसके ख़िलाफ़ ज़हर साफ़ देखा जा सकता है।
सिर्फ़ यही नहीं ये वही अनुज चौधरी हैं जिन्होंने मुसलमानों को घर में ही नमाज़ पढ़ने की सलाह तक दे डाली थी।
अनुज चौधरी के बयान के बाद से ही विपक्षी दलों के नेताओं ने उन्हें घेरा हुआ है। अखिलेश जैसे नेता ट्वीट करते हुए लिख रहे हैं कि अगर अधिकारी ही इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करेंगे तो फिर सौहार्द कैसे बनेगा ?
यही नहीं सपा के क़द्दावर नेता रामगोपाल यादव ऐसे लोगों को व्यवस्था बदलते ही जेल भेजने की धमकी तक देते हुए नज़र आये हैं।
वो अलग बात है कि मौलाना सीओ और योगी के बयान से सहमत दिख रहे हैं लेकिन विपक्षी नेता इस बहाने अपनी सियासी रोटियां जमकर सेंक रहे हैं।
नेताओं को सियासी रोटियां सेकते देख और मुसलमानों का पक्ष जानने के बाद सीएम योगी ने भी डंके की चोट पर अपने अधिकारी का समर्थन कर दिया। उन्होंने कह दिया कि पहलवान है वो अधिकारी और पहलवान ऐसे ही बोलेगा।
होली के अवसर पर मुझे लगता है कि एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान होना चाहिए। जुमे की नमाज हर शुक्रवार को होती है। होली वर्ष में एक बार होती है और प्यार से लोगों को यही समझाया गया। उन लोगों का धन्यवाद करता हूं, जिन्होंने पहले ही बयान जारी कर दिया कि पहले होली होने दो। 14 मार्च को होली है। दोपहर 2 बजे तक होली खेलने दो, उसके बाद जुमे की नमाज पढ़ लेना।
बहुत सारे मुस्लिम धर्म गुरुओं ने भी लोगों से अपील की कि हम लोग इसको मानेंगे, क्योंकि होली साल में एक बार पड़ती है और जुमे की नमाज हर सप्ताह पड़नी है। नमाज स्थगित भी हो सकती है, कोई बाध्यकारी तो है नहीं कि होना ही होना है, लेकिन अगर कोई व्यक्ति पढ़ना ही चाहता है, तो अपने घर में पढ़ सकता है, जरूरी नहीं कि वह व्यक्ति मस्जिद में ही जाए। अगर जाना ही है, तो फिर रंग से परहेज न करें। अगर रंग से परहेज है तो अच्छा होगा घर में रहे। पुलिस अधिकारी ने भी यही बात समझायी है। हमारा जो वह पुलिस अधिकारी है, वह पहलवान रहा है। अर्जुन अवार्डी भी रह चुका है। पूर्व ओलंपियन भी है। पहलवान है, तो पहलवान की तरह ही बोलेगा। इसमें कुछ लोगों को थोड़ा बुरा लग सकता है, लेकिन सच है और उस सच्चाई को स्वीकार करना चाहिए।
यूपी में मचे सियासी घमासान के बीच अब पाकिस्तानी कैसे ज़हर उगल रहे हैं ये आपको जान लेना चाहिये। एक लीडिंग वेब पोर्टल की मानें तो (SCREENSHOT DIKHA DENA HIGHLIGHT KARKE) कुछ पाकिस्तानों ने जहर उगलते हुए कहा, ये त्योहार भारत का है, हमें होली पसंद नहीं है, हमें उनसे बचना है।होली हमारे इस्लाम में नहीं है इसलिए हमें नहीं पसंद है। होली के रंग हराम हैं। मुस्लिमों को घर से बाहर नहीं निकलने वाले बयान पर कहा, मुस्लिम की जैसी मर्जी वो वैसे निकले वो उनका अधिकार है। अगर ऐसा होगा तो पाकिस्तान भी होली बैन करेगा।
बहरहाल पाकिस्तानी भी इस बात से चिढ़े हुए हैं कि सीओ अनुज ने एक साल में 52 जुमें और 1 होली की बात कैसे कह दी ? वैसे इसमें ग़लत क्या है ?
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