अलका लांबा का नीतीश कुमार को लेकर बड़ा दावा, कुछ महीने बाद नहीं रहेंगे मुख्यमंत्री !
महिला कांग्रेस की प्रमुख बनाए जाने के बाद अलका लांबा पहली बार बिहार की राजधानी पटना पहुंचीं। और अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की प्रमुख अलका लांबा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा दावा कर दिया है।

बिहार में इन दिनों सियासी तपिश बढ़ी हुई है। इसके पीछे की सबसे बड़ी वजह आगामी विधानसभा चुनाव है। यहां चुनाव को लेकर सियासी दलों ने अपनी-अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसके साथ ही इन दलों के बीच बयानबाजी भी तेज होती हुई दिखाई दे रही है। इस कड़ी में अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की प्रमुख अलका लांबा ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को लेकर बड़ा दावा कर दिया है।
नीतीश नहीं रहेंगे मुख्यमंत्री
दरअसल, महिला कांग्रेस की प्रमुख बनाए जाने के बाद अलका लांबा पहली बार बिहार की राजधानी पटना पहुंचीं। यहां उन्होंने प्रदेश महिला कांग्रेस कार्यकारिणी की एक बड़ी बैठक बुलाई। जिसमें उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की तैयारियों के बारे में महिलाओं के साथ विचार-विमर्श किया। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए अलका लांबा ने कहा कि आगामी कुछ महीनों में राज्य का विधानसभा चुनाव होगा, जिसके नतीजे आने के बाद नीतीश कुमार बिहार के मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे। साथ ही पुलिस बल में आरक्षण जैसे उपायों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के नीतीश कुमार के दावों पर भी अलका लांबा ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, "नीतीश कुमार को पिछले विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी के प्रदर्शन को याद करना चाहिए, जब जेडीयू विधानसभा सीटों के मामले में तीसरे स्थान पर रही थी।" उन्होंने यह भी कहा, "मैं यह भी भविष्यवाणी कर रही हूं कि इस साल के अंत तक होने वाले विधानसभा चुनाव के बाद वह मुख्यमंत्री नहीं रहेंगे।"
मिशन बिहार पर फोकस कर रही है पार्टी
वहीं बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव में 243 में से एनडीए ने 225 से अधिक सीटें जीतने का दावा किया है। इसको लेकर लांबा ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा, "पिछले साल लोकसभा चुनाव में 400 पार सीटें जीतने का दावा किया था, लेकिन बहुत कम मत भी हासिल नहीं कर पाई।" उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं को सही रूप में सम्मान देना है तो विधानसभा चुनाव की घोषणा से पूर्व एक तिहाई सीट महिलाओं के लिए आरक्षित कर देनी चाहिए। अलका लांबा बिहार विधानसभा चुनाव की तैयारी की समीक्षा करने के लिए पूरी तरह से तैयार दिखाई दे रही हैं। उन्होंने अपनी तैयारी के बारे में जानकारी दी और कहा कि वह बिहार के हर जिले और लोकसभा क्षेत्र का दौरा करेंगी, लगातार बैठेंगी और सरकार को सत्ता से हटाने के लिए जो भी जरूरी होगा, पार्टी वह काम करेगी। इस साल पार्टी का फोकस सिर्फ और सिर्फ बिहार विधानसभा चुनाव पर है। इसके मद्देनजर पार्टी सदस्यता अभियान पर भी जोर देगी।
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