दुनिया का सबसे बड़ा जिला बना महाकुंभ नगर, यूपी की ऐतिहासिक उपलब्धि
प्रयागराज के संगम की धरती पर 13 जनवरी 2025 को महाकुंभ का शुभारंभ हुआ, जो अपने आप में ऐतिहासिक बन गया। इस आयोजन ने ‘महाकुंभ नगर’ को दुनिया का सबसे बड़ा जिला बना दिया। मकर संक्रांति पर पहले शाही स्नान में 3.5 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई, जो एक नया विश्व रिकॉर्ड है। इस महाकुंभ में 45 दिनों के दौरान 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने की संभावना है, जो दुनिया के लगभग हर देश की आबादी से अधिक है।

संगम नगरी प्रयागराज ने 13 जनवरी 2025 से महाकुंभ के शुभारंभ के साथ एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा है। महाकुंभ 2025 के आयोजन ने न केवल आध्यात्मिक महत्व को और गहरा किया है, बल्कि एक ऐसा रिकॉर्ड बनाया है, जिसे देखकर पूरी दुनिया चकित रह गई है। ‘महाकुंभ नगर’ को इस आयोजन के लिए दुनिया का सबसे बड़ा जिला घोषित किया गया है।
सबसे बड़ा जिला कैसे बना महाकुंभ नगर?
महाकुंभ मेला 2025 एक ऐसा आयोजन है, जिसमें 45 दिनों तक 40 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। यह संख्या दुनिया के 189 देशों की आबादी से भी अधिक है। इस आयोजन के लिए योगी सरकार ने महाकुंभ नगर को उत्तर प्रदेश का 76वां जिला घोषित किया है। इसे जिला बनाने के पीछे उद्देश्य है कि प्रशासनिक कामकाज बेहतर तरीके से हो सके। इस जिले में प्रयागराज की चार तहसीलों - सदर, सोरांव, फूलपुर और करछना के 67 गांवों को शामिल किया गया है।
13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ के पहले स्नान पर्व, पौष पूर्णिमा पर 1.65 करोड़ श्रद्धालुओं ने संगम में डुबकी लगाई। इसके बाद मकर संक्रांति के दिन 14 जनवरी को हुए शाही स्नान पर 3.5 करोड़ श्रद्धालु संगम में जुटे। यह संख्या इतनी बड़ी थी कि इसने महाकुंभ नगर को दुनिया का सबसे बड़ा जिला बना दिया।
मौनी अमावस्या पर टूटेगा यह रिकॉर्ड?
महाकुंभ नगर में मकर संक्रांति के स्नान पर बना यह रिकॉर्ड महज 15 दिनों का मेहमान साबित हो सकता है। 29 जनवरी को मौनी अमावस्या के स्नान पर 8-10 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। ऐसे में महाकुंभ नगर का यह नया रिकॉर्ड न केवल पहले से बड़ा होगा, बल्कि विश्व स्तर पर फिर से इतिहास रचेगा।
महाकुंभ नगर को एक अलग जिला घोषित करने के साथ, प्रशासन ने इसकी व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए विशेष तैयारियां की हैं। विजय किरण आनंद को कुंभ मेला अधिकारी और राजेश द्विवेदी को एसएसपी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा, तेजतर्रार आईपीएस अधिकारी वैभव कृष्ण को डीआईजी बनाया गया है। इस जिले की व्यवस्था संभालने के लिए हजारों पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई है।
आपको बता दें कि महाकुंभ नगर में प्रयागराज की सदर तहसील के 25 गांव, सोरांव तहसील के 3 गांव, फूलपुर तहसील के 20 गांव और करछना तहसील के 19 गांव शामिल किए गए हैं। इन गांवों को अस्थायी तौर पर महाकुंभ मेला जिले का हिस्सा बनाया गया है। यह जिला केवल महाकुंभ के आयोजन की अवधि, यानी 13 जनवरी से 26 फरवरी तक अस्तित्व में रहेगा।
ऐतिहासिक महत्व और वर्ल्ड रिकॉर्ड
महाकुंभ न केवल भारत का, बल्कि दुनिया का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। हर 12 साल में आयोजित होने वाला यह मेला प्रयागराज को वैश्विक मानचित्र पर एक अद्वितीय स्थान देता है। महाकुंभ नगर का दुनिया का सबसे बड़ा जिला बनना भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और प्रशासनिक शक्ति को दर्शाता है। महाकुंभ मेला 2025 ने यह साबित किया है कि भारत के पास न केवल आध्यात्मिक धरोहर है, बल्कि इतनी बड़ी भीड़ को संभालने की अद्भुत प्रशासनिक क्षमता भी है। यह आयोजन पूरी दुनिया के लिए एक प्रेरणा है और दिखाता है कि कैसे आस्था और व्यवस्था मिलकर एक ऐसा अनुभव बना सकते हैं, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सके।
महाकुंभ नगर का दुनिया का सबसे बड़ा जिला बनना भारत की क्षमता और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय प्रशासन और जनता के संगम का प्रतीक है। आने वाले वर्षों में यह आयोजन और भी बड़े रिकॉर्ड बनाएगा, जो न केवल भारत, बल्कि पूरे विश्व के लिए प्रेरणा बनेगा।
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