शंकराचार्य की तूफ़ानी भविष्यवाणी में योगी की आंधी आने का संकेत !
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भारतीजी महाराज ने ये बताने की कोशिश की है कि जब एक संन्यासी सत्ता में आता है, तो परिवर्तन की लहर दौड़ती है। महाकुंभ हादसा और संन्यासी की लीडरशिप पर शंकराचार्य की भविष्यवाणी किस प्रकार से सनातन विरोधियों की आँखें खोल रही है।

सनातन परंपरा के विकास और धर्म के प्रचार-प्रसार के लिए आदि शंकराचार्य का योगदान अविस्मरणीय है।भारत में मठ और शंकराचार्य की परंपरा लाने का श्रेय आदि शंकराचार्य को जाता है। सनातन को गहराई से समझने के लिए दुनियाभर के लोग चार दिशाओं में स्थापित श्रृंगेरी मठ, गोवर्धन मठ , शारदा मठ और ज्योतिर्मठ पहुँचते हैं और इन पीठों पर विद्यमान देश के चारों शंकराचार्य की हर एक बात को गौर से सुना जाता है। यही कारण है कि श्रृंगेरी मठ के शंकराचार्य ने भविष्य की लीडरशिप को लेकर भविष्यवाणी की, तो दुश्मनों के रौंगटे खड़े हो गये। योगी के गढ़ में गोरखनाथ मंदिर पधारे जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्य श्री श्री विधुशेखर भारतीजी महाराज ने पहली दफ़ा एक संन्यासी के प्रधानमंत्री बनने का संकेत दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भारतीजी महाराज ने ये बताने की कोशिश की है कि जब एक संन्यासी सत्ता में आता है, तो परिवर्तन की लहर दौड़ती है। महाकुंभ हादसा और संन्यासी की लीडरशिप पर शंकराचार्य की भविष्यवाणी किस प्रकार से सनातन विरोधियों की आँखें खोल रही है।