महाकुंभ से स्वामी रामभद्राचार्य की बंगाल चुनाव पर धमाकेदार भविष्यवाणी
पश्चिम बंगाल में चुनावी रणभेरी बजने में लगभग 2 सालों का समय बचा है , लेकिन आज की डेट में स्वामी रामभद्राचार्य ने बंगाल का भविष्य दिखा दिया। योगी बाबा पर मृत्यु कुंभ का लांछन लगाने वाली ममता दीदी पर अबकी बार स्वामी रामभद्राचार्य कितने बड़ी सांकेतिक भविष्यवाणी किये हैं, जिसके चलते बंगाल से दिल्ली तक राजनीतिक खलबली मच गई है।

भविष्य के गर्भ में क्या छिपा है, इस बात से अनजान संत महात्माओं द्वारा सांकेतिक भविष्यवाणी करने का सिलसिला प्राचीन काल से चला आ रहा है, मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में होने वाली घटनाओं को आँका जाता है। ताज़ा उदाहरण जगतगुरु स्वामी रामभद्राचार्य हैं, जो बिना आँखों के भविष्य में होने वाली घटनाओं को चित के चक्षु से देख लेते हैं। जिस किसी को लेकर उन्होंने जितनी भी भविष्यवाणियाँ की, उनमें से ज्यादातर सटीक बैठी । पश्चिम बंगाल में चुनावी रणभेरी बजने में लगभग 2 सालों का समय बचा है , लेकिन आज की डेट में स्वामी रामभद्राचार्य ने बंगाल का भविष्य दिखा दिया। योगी बाबा पर मृत्यु कुंभ का लांछन लगाने वाली ममता दीदी पर अबकी बार स्वामी रामभद्राचार्य कितने बड़ी सांकेतिक भविष्यवाणी किये हैं, जिसके चलते बंगाल से दिल्ली तक राजनीतिक खलबली मच गई है..देखिये इस पर हमारी ये ख़ास रिपोर्ट।
चित्रकूट से आने वाले संत समाज की एक प्रभावशाली शख़्सियत, जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य, जिन्हें समाज में बड़े ही आदर के साथ पूजा जाता है। जिनके परिचय में हम कई दफ़ा ये बता चुके हैं कि आँखों की रोशनी के बग़ैर, 22 भाषाओं के जानकार है। 80 से ज़्यादा ग्रंथों के रचनाकार है, बतौर कथावाचक आम जनमानस को आध्यात्म दुनिया से जोड़ते हैं..सिर्फ़ देश ही, नहीं बल्कि विदेशों तक करोड़ों संख्या में इनके Followers हैं। मानव कल्याण के लिए दिव्यांग विश्वविद्यालय चलाते हैं। कई दफ़ा, कितनी ही बा इनकी भविष्यवाणियों को सत्य होते लोगों ने देखा है। राम मंदिर निर्माण से लेकर योगी के फिर से मुख्यमंत्री तक और तो और मोदी के बैक टू बैक ..फिर से प्रधानमंत्री बनने की इनकी तमाम भविष्यवाणियाँ सत्य हुई हैं। इन्हीं कारणों के चलते जगत गुरु की बातों को सत्ता पक्ष से लेकर विरोधी भी गौर से सुना करते हैं। इनकी सांकेतिक भविष्यवाणियाँ में भविष्य की पिक्चर ढूँढी जाती हैं। इस बार बंगाल की क्वीन कही जाने वाली ममता दीदी पर स्वामी रामभद्राचार्य ने जो कुछ भी कहा है, उसे राजनीतिक पंडित बंगाल चुनाव से जोड़ रहे हैं। दरअसल इस पूरे मामले की शुरुआत महाकुंभ से होती है, जिसे बंगाल में बैठी ममता दीदी ने मृत्यु कुंभ क्या कहा…योगी की प्लानिंग को फेल क्या बताया।
सरकार पर मृतकों की वास्तवित संख्या छिपाने का आरोप क्या लगाया। महाकुंभ में विद्यमान जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य भड़क उठे। उन्होंने ममता को भविष्य का आईना दिखाते हुए, झंडा गिर जाने की भविष्यवाणी कर डाली। बक़ायदा ये बयान दिया, 'मैं यही कहना चाहूंगा कि जो सनातन का झंडा गिराना चाहेगा उसका झंडा खुद गिर जाएगा, सभी सनातनियों को जागरूक और सजग हो जाना चाहिए।” जगत गुरु के इसी बयान को सांकेतिक भविष्यवाणी के चश्मे से देखा जा रहा है, यही क़यास लगाए जा रहे हैं। जगत गुरु ने जिसके झंडा गिरने की बात कही है, वो ममता की सत्ता है…क्योंकि अगले साल 2026 में बंगाल का चुनाव है, जिसे लेकर भाजपा अभी से अपनी राजनीतिक ज़मीन तैयार कर रही है। ऐसे में ममता का महाकुंभ को मृत्यु कुंभ बताना। जगत गुरु के अनुसार सनातन का अपमान है। महाकुंभ की पावनधरा से जगत गुरु स्वामी रामभद्राचार्य का यही कहना है कि इस बार का महाकुंभ विराट है, जो पहले कभी नहीं दिखा और 55 करोड़ लोगों का महाकुंभ स्नान करना अपने आप में दिव्य है। “जो सनातन का झंडा गिराना चाहेगा उसका झंडा खुद गिर जाएगा” सवाल उठता है कि किसका झंडा गिरेगा। योगी सरकार ख़ुद को महाकुंभ का हीरो बना चुकी है और ममता दीदी महाकुंभ में मृत्यु कुंभ ढूँढ चुकी है, भगवा के भेष में असली सनातनी कौन है ?