SATURDAY 05 APRIL 2025
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शनि होने जा रहे हैं अस्त, सिंह, मकर समेत यह राशि हो जाए सावधान

शनि अस्त 2025 का समय नजदीक आ रहा है, और इसका प्रभाव कुछ राशियों पर विशेष रूप से पड़ने वाला है। 28 फरवरी 2025 की रात 7:06 बजे शनि कुंभ राशि में अस्त होंगे और 9 अप्रैल 2025 की सुबह 5:03 बजे पुनः उदय होंगे। इस 40 दिनों की अवधि में सिंह, मकर, मेष और कर्क राशि वालों को विशेष सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि शनि का अस्त होना उनके लिए मानसिक तनाव, आर्थिक समस्याओं और स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां ला सकता है।

शनि होने जा रहे हैं अस्त, सिंह, मकर समेत यह राशि हो जाए सावधान
शनि देव को न्याय और कर्मों के फल देने वाला ग्रह माना जाता है। इनकी चाल से सभी 12 राशियों के जीवन में बदलाव आता है। 28 फरवरी 2025 की रात 7:06 बजे शनि कुंभ राशि में अस्त हो जाएंगे और 9 अप्रैल 2025 की सुबह 5:03 बजे फिर से उदय होंगे। यह 40 दिनों की अवधि कुछ राशियों के लिए कष्टदायी साबित हो सकती है, खासकर उनके लिए जो अनुशासनहीनता और गलत कार्यों में लिप्त रहते हैं।
क्या होता है ग्रह का अस्त होना?
जब कोई ग्रह सूर्य के अत्यधिक निकट आ जाता है, तो वह बलहीन हो जाता है और उसे "अस्त" कहा जाता है। इस दौरान उस ग्रह का प्रभाव कमजोर पड़ जाता है और वह अपनी पूर्ण शक्ति से कार्य नहीं कर पाता। शनि के अस्त होने पर विशेष रूप से उनका अनुशासन, न्याय और कर्मों का प्रभाव कुछ हद तक क्षीण हो जाता है, लेकिन फिर भी यह पूरी तरह से समाप्त नहीं होता।  ऐसे में जब 28 फरवरी को शनि अस्त होने जा रहा है तो इसका असर सिंह, मकर, मेष और कर्क राशि के जातकों को विशेष रूप से देखने को मिलेगा। इस दौरान इन राशि वालों को आर्थिक और मानसिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उनके करियर, व्यापार और पारिवारिक जीवन में भी उतार-चढ़ाव आ सकता है।

सिंह राशि (Leo) 
सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय तनाव और संघर्ष लेकर आ सकता है। यदि आप नौकरीपेशा हैं तो दफ्तर में अनावश्यक विवादों से बचना आपके लिए बेहद जरूरी होगा। इस दौरान आपके शत्रु सक्रिय हो सकते हैं और आपकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं। इस दौरान कार्यक्षेत्र में रुकावटें आ सकती हैं।आर्थिक स्थिति डांवाडोल हो सकती है। पारिवारिक जीवन में तनाव रहेगा, खासकर माता-पिता से मतभेद हो सकते हैं। कोई कानूनी विवाद या सरकारी समस्या सामने आ सकती है।
क्या करें?
रोज़ सूर्य देव को जल अर्पित करें और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करें।
शनिवार के दिन गरीबों को काला तिल और उड़द दाल दान करें।
अहंकार से बचें और माता-पिता का सम्मान करें।
किसी भी प्रकार की नौकरी बदलने या नए निवेश से बचें।

मकर राशि (Capricorn)
मकर राशि के स्वामी शनि देव ही हैं, इसलिए इस राशि पर शनि के अस्त होने का प्रभाव ज्यादा गहरा रहेगा। यह समय आपके लिए आर्थिक संकट, मानसिक तनाव और स्वास्थ्य समस्याएं लेकर आ सकता है। इस दौरान व्यापारियों को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। कार्यक्षेत्र में दबाव बढ़ेगा और वरिष्ठ अधिकारियों से तनाव रहेगा। संतान पक्ष से कष्टदायी समाचार मिल सकता है। पुराने रोग फिर से उभर सकते हैं, खासकर जोड़ों और हड्डियों से जुड़ी समस्याएं।
क्या करें?
रोज़ शनि चालीसा का पाठ करें और शनि मंदिर में तेल चढ़ाएं।
सरसों के तेल का दीपक जलाएं और पीपल के वृक्ष की पूजा करें।
आलस्य को त्यागें और कार्यों में पूरी ऊर्जा लगाएं।
नशीले पदार्थों और गलत संगत से दूर रहें, अन्यथा शनि भारी दंड दे सकते हैं।

मेष राशि (Aries) 
मेष राशि के जातकों के लिए यह समय मिश्रित प्रभाव लेकर आएगा। जहां एक ओर करियर में कुछ नए अवसर मिल सकते हैं, वहीं दूसरी ओर पारिवारिक जीवन में तनाव बढ़ सकता है। इस दौरान नौकरीपेशा लोगों को बॉस से मतभेद हो सकते हैं। दांपत्य जीवन में तनाव रहेगा और पार्टनर के साथ झगड़े हो सकते हैं। अचानक खर्चों में वृद्धि होगी, जिससे आर्थिक असंतुलन पैदा हो सकता है। कोई पुरानी चोट या दुर्घटना होने की संभावना है।
क्या करें?
मंगलवार और शनिवार को हनुमान मंदिर जाएं और हनुमान चालीसा का पाठ करें।
लाल मसूर की दाल और गुड़ का दान करें।
घर में कलह से बचने के लिए माता-पिता की सेवा करें और रोज़ भगवान शिव को जल अर्पित करें।
किसी भी प्रकार के गुस्से और जल्दबाजी से बचें, अन्यथा बनी बनाई बात बिगड़ सकती है।

कर्क राशि (Cancer)
कर्क राशि के जातकों को इस दौरान भावनात्मक तनाव और पारिवारिक समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। यह समय आपके लिए थोड़ा कठिन रहेगा, लेकिन यदि सही उपाय किए जाएं तो शनि के दुष्प्रभावों को कम किया जा सकता है। इस दौरान जीवनसाथी से मनमुटाव और तकरार हो सकती है। कार्यक्षेत्र में नई चुनौतियां आएंगी और मेहनत के बावजूद सफलता मिलने में देरी हो सकती है। मानसिक तनाव डिप्रेशन और एंग्जायटी को बढ़ा सकता है। धन हानि की संभावना है, इसलिए कोई भी बड़ा निवेश करने से बचें।ो
क्या करें?
रोज़ सुबह भगवान शिव की पूजा करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
शनिवार के दिन छायापात्र दान (सरसों के तेल से भरा कटोरा) करें।
माता-पिता की सेवा करें और किसी गरीब को भोजन कराएं।
नीले और काले रंग के कपड़े पहनने से बचें और सफेद या हल्के रंगों को प्राथमिकता दें।

शनि का अस्त होना हर किसी के लिए अशुभ नहीं होता। कुछ लोगों के लिए यह राहत भरा समय हो सकता है, जबकि कुछ को इस अवधि में विशेष सावधानी बरतनी होगी। कर्म और न्याय के देवता शनि हमेशा उन लोगों का साथ देते हैं जो ईमानदारी से मेहनत करते हैं और सच्चाई के मार्ग पर चलते हैं। इस अवधि में अपनी दिनचर्या और व्यवहार को सुधारना ही शनि के प्रकोप से बचने का सबसे अच्छा तरीका है। 

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