इन को करने से होलिका दहन पर पूरी होगी हर इच्छा !
होली का ये पावन त्यौहार पूरे एक साल के बाद जीवन में ख़ुशियाँ, सुख, शांति लेकर आता है, लेकिन क्या आपको पता कि आखिर होली कहां, कब और कैसे शुरू हुई? आखिर क्यों हर बार होली मनाने से पहले होलिका दहन किया जाता है? ये सब जानने के लिए देखिए धर्म ज्ञान की ये ख़ास रिपोर्ट…

होलिका दहन बुराई पर अच्छाई का प्रतीक है और होलिका दहन का ये त्यौहार जल्द ही आने वाला है। होलिका दहन के एक दिन बाद होली भी आने वाली है। रंगों भरा ये त्यौहार खुशियों के साथ-साथ जीवन में नई उमंग भी लेकर आता है। लेकिन पूरे एक साल बाद आए इस त्यौहार में आप कुछ उपायों को करके अपने जीवन में सुख-समृद्धि और शांति को बनाए रख सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कौन से ये उपाय हैं जिन्हें करके आप अपने जीवन से दरिद्रता को निकाल कर फेंक सकते हैं, कहां , कैसे और कब हुई थी होली की शुरुआत और आखिर क्यों हर साल होली का त्यौहार मनाने से पहले होलिका दहन किया जाता है? जानने के लिए धर्म ज्ञान की ये ख़ास रिपोर्ट।
इस बार होलिका दहन 13 मार्च को होने वाला है और 14 मार्च को होली का त्यौहार मनाया जाएगा। लेकिन होली का त्यौहार मनाने से पहले हर बार होलिका जलायी जाती है, लेकिन क्या आपको पता है कि इसके पीछे का इतिहास जुड़ा है उत्तर प्रदेश के हरदोई ज़िले के केकड़ी गाँव से। जहां है क़रीब 5 हज़ार साल पुराना मंदिर, देवताओं से बैर रखने वाला हिरण्यकश्यप हरदोई का राजा था। हिरण्यकश्यप के बेटे प्रहलाद की आस्था भगवान विष्णु में बहुत थी। लेकिन हिरण्यकश्यप को ये बात पसंद नहीं थी। प्रह्लाद की भक्ति से चिढ़कर हिरण्यकश्यप ने अपनी बहन होलिका को भक्त प्रहलाद की हत्या करने के लिए कहा, होलिका को ये वरदान था कि वह आग में नहीं जल सकती। इसी वरदान का फ़ायदा उठाकर वह प्रह्लाद को लेकर आग में बैठ गई, लेकिन भगवान विष्णु की कृपा से होलिका खुद जलकर राख हो जाती है। ऐसी मान्यता है कि तभी से अच्छाई पर बुराई के प्रतीक के तौर पर होली का त्यौहार मनाया जाता है, और इस दिन कुछ उपायों को करने से आप भी जीवन से बुराई को ख़त्म कर सकते हैं। तो चलिए जानते हैं कौन हैं वो 5 चीज़ें जिन्हें होलिका दहन की जलती अग्नि में डालने से जीवन की काया ही पलट जाती है। सबसे पहली वस्तु है।
नारियल
होलिका दहन वाली रात को जलती अग्नि में नारियल अर्पित कर सकते हैं, कहते हैं नारियल ईश्वर को अत्यन्त प्रिय होता है और ऐसा माना जाता है नारियल को जलाने से जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं, जीवन की नकारात्मक ऊर्जा नष्ट होती है और जीवन में सुकून और शांति बनी रहती है।गेहूं के दाने
मान्यता है कि होलिका दहन की अग्नि में अगर आप गेहूं और अनाज डालते हैं, इससे आपके घर में अनाज की वृद्धि होगी और साथ ही धन की कमी से भी निजात मिलती है।
हरी इलायची और कपूर
कहते हैं कि अगर आप होलिका दहन की अग्नि में कपूर और हरी इलायची डालते हैं, आपको बीमारियों से मुक्ति मिलती है और आप स्वस्थ रहते हैं। इसके साथ ही इन्हें अग्नि में डालने से वातावरण भी शुद्ध होता है और बुरी शक्तियां भी आस-पास नहीं भटकती हैं। तो होलिका दहन की अग्नि में हरी इलायची और कपूर जरूर डालें।
हवन सामग्री
होलिका दहन वाली रात आप जलती आग में अपने वैवाहिक जीवन और घर में सुख-शांति के लिए हवन सामग्री जरूर डालें, इससे जीवन में सुकून बना रहता है। इसके अलावा आपको बताते चलें कि हवन सामग्री की सुगंध से वातावरण भी महकता है।
काली सरसो
काली सरसो का नाम हम अक्सर सुनते हैं। ज़्यादातर लोग काली सरसों का इस्तेमाल भूत और नकारात्मक शक्ति से मुक्ति पाने के लिए करते हैं तो ये उपाय आप भी कर सकते हैं। होलिका दहन की जलती हुई अग्नि में आप तीन बार काली सरसों अपने सिर के ऊपर से उतारकर फेंक दें, इससे आप पर लगी बुरी नज़र भी उतर जाएगी और नकारात्मक शक्ति भी आप से दूर भागेगी। तो ये थे कुछ उपाय जिन्हें करके आप अपने जीवन को सुखद बना सकते हैं।
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