विदेश से आई भक्त ने बताया शिव को मानने का राज!
सनातन था, सनातन है और सनातन हमेशा रहेगा। हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वजह से सनातन का पर्चम दुनिया भर में लहरा रहा है। सनातन का प्रभाव अब विदेशों में भी देखने को मिल रहा है। विदेशी भी सनातन के मुरीद हो चुके हैं। ऐसे ही 15 सालों से भगवान शिव को मानने वाली यांत्रवी महाकुंभ के लिए भारत आईं और पूरे 45 दिनों तक महाकुंभ में रुकीं। होली तक वो काशी में भोलेनाथ की सेवा करते हुए दिखाई देंगी। जब हमारे संवाददाता ने उनसे बातचीत की, तो उन्होंने क्या कुछ कहा, देखने के लिए बने रहें धर्म ज्ञान की ख़ास रिपोर्ट पर…

सनातन था, सनातन है और सनातन रहेगा, इस बात का अंदाज़ा आप इसी बात से लगा सकते हैं कि सनातन का रंग दुनिया में ऐसा चढ़ रहा है कि अब विदेशी भी हिंदुत्व के मुरीद हो रहे हैं। ऐसे ही एक भक्त हैं जो थाइलैंड से सीधा भारत आ गई हैं। पहले ये भक्त पूरे 45 दिनों तक महाकुंभ में रुकी, लेकिन अब होली के बाद तक ये काशी की गलियों में शिव भक्ति करते हुए दिखाई देंगी। तो चलिए मिलवाते हैं भोलेनाथ की भक्ति में रंगी इस ख़ास भक्त यांत्रवी से, और जानते हैं कि आखिर कैसे इन्होंने अपना आध्यात्मिक जीवन शुरू किया। तो बने रहिए हमारे साथ और देखिए धर्म ज्ञान की ये ख़ास रिपोर्ट।
सनातन एक ऐसा धर्म है जो सबसे पुराना है। सनातन को मानने वाला हर व्यक्ति सनातनी है, और आज हम आपको जिस ख़ास सनातनी से मिलवाने वाले हैं उनका नाम है यांत्रवी। वैसे तो यांत्रवी थाइलैंड की रहने वाली हैं, लेकिन इनका भगवान भोलेनाथ पर इतना विश्वास है कि ये साल 2014 से भगवान शिव की भक्ति करती आ रही हैं। इतना ही नहीं, महाकुंभ में पूरे 45 दिनों तक यांत्रवी प्रयागराज में ही रुकी थीं और होली तक वो काशी में भोलेनाथ की भक्ति करते हुए दिखाई देंगी। जब हमारे संवाददाता ने उनसे बातचीत की तो उन्होंने भगवान शिव और प्रधानमंत्री मोदी के लिए क्या कुछ कहा, सुनिए।
इसी के साथ काशी खंड में वर्णित प्राचीन शिव मंदिर पंचमेश्वर महादेव मंदिर में यांत्रवी 11 ब्राह्मणों द्वारा पूरे विधि-विधान से पूजा-पाठ और रुद्राभिषेक करते हुए नज़र आ रही हैं। इसके अलावा आपको जानकारी देते चलें कि जब हमारे संवाददाता ने मंदिर के जानकार सुनील उपाध्याय से मंदिर, प्रधानमंत्री मोदी और यांत्रवी के बारे में क्या कुछ पूछा, तो उन्होंने क्या जवाब दिया, सुनिए।
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